
जन्म कब लेना है और मरना कब है ये हम डिसाइड नहीं कर सकते लेकिन कैसे जीना है वो हम डियाइड कर सकते है...

हम हार जीत, सक्सेस, फेलियर में इतना उलझ गए है कि जिन्दगी जीना भूल गए है. जिन्दगी मे अगर कुछ सबसे ज्यादा जरुरी है तो वो है खुद जिंगदी

'जिस महफिल ने ठुकराया हमको, क्यों उस महफिल को याद करें, आगे लम्हा बुला रहा, आओ उसके साथ चलें'

'तुम्हारा रिजल्ट डिसाइड नहीं करता है कि तुम लूजर हो कि नहीं, तुम्हारी कोशिश डिसाइड करती है।'

'सक्सेस के बाद का प्लान सबके पास है लेकिन अगर गलती से फेल हो गए तो फेलियर से कैसे डील करना है इसकी कोई बात ही नहीं करना चाहता'।